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Tuesday, March 10, 2020

अगले 4 दिनों में उत्तर भारत में एक बार फिर कई जगहों पर देखी जाएगी बारिश की गतिविधियां, गर्मी आने में होगी देरी जबकि ऊँचे पहाड़ी इलाको में फिर से शुरू होगा बर्फ़बारी का लंबा दौर।

 मौसम पूर्वानुमान - 10  मार्च 2020 
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सभी पाठको को वैदर एंड क्लाइमेट ऑफ़ नार्थ इंडिया की तरफ से को होली की हार्दिक सुभकामनाए।  

उत्तर पिछले कुछ दिन पहले हुई व्यापक बारिश के बाद पिछले 3 दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन    आज उत्तरी अफगानिस्तान और पाकिस्तान के इलाको पर एक सक्रिय  पश्चिमी विक्षोभ  पहुंच गया है।इस सिस्टम के प्रभाव से पश्चिमी राजस्थान पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र विकसित हुआ हैइसके प्रभाव से आज रात से ही आज राजस्थान के कई इलाको में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है, जबकि यह प्रणाली आज देर रात तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भागो को प्रभावित करने लगेगा।   

जबकि कल 11 मार्च  की शाम तक इन गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जायेंगी और पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित उत्तर पश्चिमी राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी अधिकतर जगह बादलो के बीच हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएँगी।  बारिश की इन गतिविधियों के चलते अगले 4 दिनों तक  दिन के तापमान नीचे ही बने रहेंगे और तापमानं बढ़ने के लिए हमें कम से कम 16  मार्च तक इंतजार करना पड़ेगा जब पश्चिमी विस्कोभ चले जायेंगे और लम्बे शुष्क मौसम का आगाज हो सकता है जिसके साथ ही दिन और रात दोनों के तापमान में उत्तर भारत के अधिकतर इलाको में बढ़ोतरी देखी जाएगी।   

साथ  में ही उत्तर भारत के पहाड़ी इलाको, जम्मू एंड कश्मीर, लद्दाख , हिमाचल  प्रदेश और उत्तराखंड  में भी कल शाम से बारिश और बर्फ़बारी का एक लम्बा दौर शुरू होने वाला है जोकि कल से शुरू होकर अगले 4 -5 दिन तक जारी रह सकता है।  पहाड़ी राज्यों में  2500  मीटर या उससे ऊँचाई वाले  इलाको में बर्फबारी का अनुमान है।    





राज्यवार मौसम पूर्वानुमान:

पंजाब: पूरे पंजाब के मुख्यत जगहों पर (पंजाब के प्रमुख जगहों  राजधानी अमृतसर, बटाला, गुरदासपुर, जालंधर, मोगा, पटियाला, लुधियाना, भटिंडा  मनसा, संगरूर, होशियारपुर और आसपास के क्षेत्रों ) में कल  सुबह से  ही हल्की से मध्यम वर्षा की गतिविधिया देखने को मिलेंगी जो  की पूरे दिन  तक बनी रह  सकती है जबकि इसी दौरान  कुछ एक दो जगहों पर तेज  बारिश  और ओलावृष्टि की गतिविधिया भी देखी  जा सकती है।  दक्षिण पश्चिम पंजाब के कुछ हिस्सों,अबोहर और मलौट  जैसी जगहों पर इस आगामी प्रणाली  से हल्की से मध्यम  बारिश होने की संभावना है,  हालांकि एक या दो अलग-थलग जगहों पर गरज  के साथ तेज वर्षा और  ओलावृष्टि की गतिविधियों को  नकारा नहीं जा सकता है। जबकि 12 और 13 मार्च को भी राज्य में बादलो की आवाजाही लगी रहेगी और  हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है लेकिन इसका असर राज्य के उत्तरी इलाको में ही ज्यादा रहेगा जबकि बाकि जगहों पर ये गतिवधियां कम देखी जाएँगी। 

हरियाणा और दिल्ली / एनसीआर:  हरियाणा के मुख्यत जगहों पर  (हरियाणा के प्रमुख जगहों जैसे फरीदाबाद, गुड़गांव, मानेसर, पलवल, औरंगाबाद, रेवाड़ी, पटौदी, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, कैथल, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों ) और दिल्ली / एनसीआर  में  आज रात  से  बादल आ जायेंगे  और कुछ  छिट्पुट जगहों पर हल्की बारिश व बूंदबांदी देखी जा सकती है जबकि कल सुबह 11 मार्च से  बारिश की गतिविधियों में इजाफा देखा जायेगा, जबकि कल शाम तक गतिविधिया व्यापक हो जाएँगी और कई इलाको में तेज बारिश  भी देखी जा सकती है और इस दौरान  कुछ एक दो जगहों ओलावृष्टि की गतिविधिया भी देखी जा सकती है। इस दौरान इस प्रणाली का असर उत्तर हरियाणा में राज्य के दक्षिण इलाको से ज्यादा होगा और सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, कैथल  और चंडीगढ़ में मध्यम से भारी बारिश होगी देखी जा सकती है। जबकि 12 और 13 मार्च को भी हरियाणा और दिल्ली / एनसीआर में बादलो की आवाजाही लगी रहेगी और  हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है लेकिन इसका असर हरियाणा  राज्य के उत्तरी इलाको में ही ज्यादा रहेगा जबकि बाकि जगहों पर ये गतिवधियां कम देखी जाएँगी। 

राजस्थान: मध्य और उत्तर राजस्थान (श्रीगंगानगर, सूरतगढ़,  हनुमानगढ़, अजमेर, राजधानी जयपुर, अलवर, बीकानेर सीकर और  चूरू  और  उनके  आसपास के क्षेत्रों जैसे प्रमुख जगहों ) में आज रात से  ही हल्की से मध्यम वर्षा की गतिविधिया देखने को मिलेंगी जो कल  सुबह  तक बनी रह  सकती है  जबकि इसी दौरान  कुछ एक दो जगहों पर तेज  बारिश  और की गतिविधिया भी देखी  जा सकती है। बात करे पश्चिमी और दक्षिण  राजस्थान की तो  जैसलमेर, उदयपुर, माउंट आबू और जोधपुर  जैसी जगहों पर इस प्रणाली से  हल्की वर्षा होने की ही संभावना है। जबकि कल शाम 11 मार्च के बाद पूरे राजस्थान में मौसम साफ होता दिखेगा।  

उत्तर प्रदेश: इस प्रणाली का असर पूरे उत्तर  प्रदेश  में देखा जायेगा जहाँ  आज रात  और कल सुबह से बादलो की गतिविधिया देखि जाएँगी और पश्चिम उत्तर प्रदेश में आज रात से ही कुछ जगहों पर बारिश की गतिवधियां   देखी जाएँगी कल  11 मार्च को दिन बढ़ने के साथ बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी  और कल शाम तक  गतिविधिया व्यापक हो जाएँगी और कई इलाको में  मध्यम तेज बारिश देखी जा सकती है और जिसका असर 13  मार्च  की रात तक बना रहेगा और इसी दौरान अधिकांश जगहों पर  हल्की से मध्यम वर्षा जबकि कुछ एक दो जगहों पर ओलावृष्टि की गतिविधिया भी देखी जा सकती है। इस प्रणाली का असर राज्य के उत्तर और पश्चिमी के इलाको जैसे शामली,  सहारनपुर, बिजनौर, मेरठ, बरेली, मुरादाबाद, रामपुर अलीगढ़,  बुलंदशहर और पहाड़ के  तलहटी  इलाको जैसे बहराइच, पीलीभीत, लखीमपुरखीरी, श्रावस्ती, गोरखपुर, महराजगंज में राज्य के  ज्यादा होगा। जबकि राज्य के मध्य  और पूर्वी भागो जैसे राजधानी  लखनऊ, कानपुर हरदोई, उन्नाव, गोंडा, झाँसी,  प्रयागराज, मिर्ज़ापुर और  वाराणसी  में  कल सुबह से हल्की से  मध्यम बारिश देखी जा सकती है जबकि यह गतिवधियां 12 मार्च को थोड़ी कम होकर अगले दिन 13 मार्च को एक बार फिर 13 की शाम  तक इसका असर फिर देखा जायेगा लेकिन  हिमलाय के तलहटी इलाको में जैसे बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा बस्ती और गोरखपुर में इसका असर ज्यादा रहेगा।  







जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: यह  प्रणाली सभी चार हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा, आज शाम से ही ऊँची पहाड़ी इलाको में कुछ जगह हिमपात की गतिविधिया देेेेखी जाएंगी जबकि कल शाम से यह गतिविधिया व्यापक हो जाएँगी कल  सुबह से 14  मार्च की रात तक चारो क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश / बर्फबारी के साथ कुछ जगहों  भारी से बहुत भारी बारिश/बर्फ़बारी  के आसार हैं।  इस अवधि के दौरान 2000  मीटर या उससे कम  ऊंचाई वाले इलाको में इस अवधि के रुक  रुक कर 14 मार्च तक जम्मू, हिमाचल प्रदेश और  उत्तराखंड के मैदानी इलाको में मध्यम से भारी बारिश और  कश्मीर के श्रीनगर और बाकि मैदानी और पहाड़ी इलाको, धर्मशाला और  शिमला, मसूरी, नैनीताल, पिथौरागढ़  जैसे प्रमुख जगहों पर मध्यम  से भारी बारिश और ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है।  इसका असर उत्तराखंड में बाकि  मुकाबले ज्यादा रहने की उम्मीद  है और देहरादून,  हरिद्वार ,हल्द्वानी और रुद्रपुर जैसे  मैदानी इलाको  कल सुबह से सुबह से 14 मार्च  की सुबह तक रुक-रुक के कई बार मध्यम  बारिश  संभावना है साथ ही कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की गतिविधिया भी  मिलेंगी। पहाड़ी इलाके जो 2500 मीटर या  उससे ऊपर है  जैसे लद्दाख, स्पीति, मनाली, नारकंडा, केदारनाथ, बद्रीनाथ, औली, गुलमर्ग  वहां इस दौरान मध्यम  से बहुत भारी हिमपात देखी  जाएगी। 



वैदर एंड क्लाइमेट ऑफ नॉर्थ इंडिया के लिए

सृजन कुमार गुप्ता
एडिटर 

Sunday, January 12, 2020

कल उत्तर भारत के अधिकतर भागो में बारिश और तेज हवाओ के बीच मनेगा लोहड़ी का पर्व जबकि पहाड़ो पर भीषण बर्फ़बारी का के नए दौर की शुरुवात।

मौसम पूर्वानुमान :-  

पिछले दो दिनों से उत्तर भारत में कई जगहों पर तेज धूप के साथ मौसम खुशनुमाऔर शुष्क बना हुआ है,  लेकिन जल्द ही इस मौसम में  कल से बड़ा बदलाव देखा जायेगा, जिसकी वजह एक सक्रिय पश्चिमी विश्चोभ है जो अभी उत्तरी पाकिस्तान पर बना हुआ है और कल उत्तर भारत में पहुंच जायेगा जिसकी वजह से मध्य राजस्थान में एक चक्रवाती हवाओ का केंद्र विकसित होगा, जिसके प्रभाव से जम्मू कश्मीर, लद्दाख समेत हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड राज्य की पहड़ियो पर आज शाम से 13 जनवरी की  रात तक मध्यम से भारी बर्फ़बारी देखने को मिलेगी जबकि इन राज्यों के मैदानी इलाको मध्यम दर्जे की बारिश और ओलावृष्टि की उम्मीद है।




बात करे उत्तर भारत के मैंदानी इलाको की तो पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी व उत्तर-पूर्व  राजस्थान के भागो और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज रात से बादलो का आना शुरू हो जायेगा और कल सुबह से  हवाओ की गति में तेजी के साथ इन जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के होने सम्भावना है जबकि पृथक जगहों पर तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि भी देखी जा सकती है।

14 जनवरी से  सभी मैदानी व पहाड़ी इलाको में मौसम साफ हो जायेगा लेकिन 15 जनवरी की रात से एक और पश्चिमी विस्कोभ और पूर्वी व पश्चिमी हवाओ का संगम बन रहा है जिससे उत्तर भारत के सभी पहाड़ी राज्यों में 15 की रात से 17  तक भीषण बर्फ़बारी का दौर लायेगा साथ है मैदानी राज्यो पंजाब, हरियाणा,  मध्य  और पूर्वी राजस्थान,  दिल्ली-एनसीआर और  उत्तर प्रदेश में मध्यम से भारी बारिश का दौर बनता दिख रहा है और जिसकी गतिविधि 15 की रात से 17 जनवरी की सुबह तक बनी रह सकती है।

अभी के मौसमी मॉडल्स को देख कर यही लग रहा की उत्तर भारत में जनवरी के बाकि दिनों में भी थोड़े-थोड़े अंतराल पर बारिश व बर्फ़बारी की गतिविधिया जारी रहेगी जिसकी खबर हम आपको समय समय पर देते रहेंगे। 
सभी पाठको को लोहड़ी, पोंगल व मकर सक्रांति की हार्दिक ही सुभकामना।

वैदर एंड क्लाइमेट ऑफ़ नार्थ इंडिया के लिए

सृजन गुप्ता



Sunday, January 5, 2020

उत्तर भारत में शक्तिशाली पश्चिमी विश्चोभ की दस्तक अगले 3 दिन उत्तर भारत मे बादलों की आवाजाही के साथ अगले 2 दिनों में होगी मध्यम से भारी बारिश जबकि पहाड़ों में इस दौरान जमकर होगी बर्फबारी।

मौसम पूर्वानुमान :-  5  मार्च , सुंबह 

कल  दोपहर से ही राजस्थान  हरियाणा , उत्तर प्रदेश , दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई मैदानी और पहाड़ी इलाको बारिश की गतिविधिया देखी गयी है  जिसका कारण  एक बहुत शक्तिशाली  सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ  जो आज  से  उत्तर भारत के लगभग  सभी मैदानी इलाको को प्रभावित करेगा और आज शाम तक बारिश गतिविधियां काफी बढ़ जाएँगी जोकि बादलो की आवाजाही के बीच 7 मार्च की सुबह तक बना रहेगा। तो वहीं उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों  में भी आज से बारिश और बर्फ़बारी  का दौर आज से शुरू होकर अगले तीन दिनों तक बना रहेगा  । 

















लद्दाख, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में लगभग सभी जगहों पर मध्यम से भारी बारिश होगी। कुछ जगहों पर बहुतभारी बारिश भी संभव है। चारो राज्यो के ऊंचे हिमालय क्षेत्रों में भारी से अति भारी बर्फबारी होगी।

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान में इस दौरान मध्यम जारी रहेगी जबकि  कई जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है । इन राज्यो में दिन के समय तापमान घटने से  ठंड बढ़ सकती है जोकि मार्च के महीने में भी आपको वापस से  ठंड का एहसास करा सकता है

जबकि इसी दौरान कुछ इलाको में मेघगर्जना के साथ ओलावृष्टि की परिस्थितिया भी बन सकती है।



8 मार्च को  प०वि० आगे निकल जाएगा जिससे उत्तर भारत मे मौसम साफ हो जाएगा।

लेकिन 11 मार्च को एक बार फिर प०वि० आता दिख रहा है , जिससे बारिश की उत्तर  भारत में  बारिश गतिविधिया एक बार फिर से देखी जाएँगी। 







वैदर एंड क्लाइमेट ऑफ़ नार्थ इंडिया के लिए

 सृजन गुप्ता



Sunday, December 29, 2019

नये साल में उत्तर भारत में पड़ रही प्रचंड ठण्ड से मिलेगी हल्की राहत, मैदानी भागो में 31 दिसंबर की रात नहीं होगी बारिश जबकि 2 जनवरी से उत्तर भारत में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश के आसार और पहाड़ो पर भारी बर्फबारी

 मौसम पूर्वानुमान -  30 दिसंबर  2019 से 5  जनवरी 2020 
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नया साल आने  वाला है साथ ही उसी के साथ  उत्तर भारत में पड़ रही  प्रचंड ठण्ड में थोड़ी नरमी के भी आसार दिख रहे है, जैसा की 22 दिसम्बर को  हमारे पिछले  लेख में पूर्वानुमान दिया था कि पूरे उत्तर भारत में 23 दिसंबर से  कड़ाके की सर्दी  पड़ेगी जो 31 दिसम्बर तक रहेगी, मौसस अभी तक  बिल्कूल उसी दिशा में बढ़ रहा है जोकि 31 दिसम्बर तक जारी रहने आसार है। जबकि जैसा की कई न्यूज़ चैनल और अखबारों में दिखाया जा रहा है की 31 दिसम्बर और 1 जनवरी को उत्तर भारत में कई जगह बारिश और ओलावृष्टि होगी, हम इस बात को स्पष्ट करना चाहेंगे की आगामी मौसमी परिस्थति से 31 दिसम्बर की रात और 1 जनवरी की सुबह तक उत्तर भारत के मैदानी इलाको में  बारिश की सम्भावना ना के बराबर है जिससे नए साल के जशन में कोई खलल नहीं पड़ेगी लेकिन प्रचंड  ठण्ड का प्रकोप 31 दिसम्बर की रात तक तो बनी रहेगी।     

लेकिन हम आपको बताना चाहेंगे की  नये  साल 2020 की पहले दिन से ही मौसम की परिस्थितियों में बदलाव देखा जाने लगेगा, जिसका जिम्मेदार एक सक्रिय पश्चिम विच्छोभ होगा जोकि 31 दिसम्बर को पश्चिमी हिमालय को प्रभावित करने लगेगा जिसके चलते जम्मू कश्मीर और लद्दाख के  कुछ जगहों  पर 31 दिसम्बर  की रात से बर्फ़बारी का अच्छे दौर की शुरुवात  देखने को मिलेगी जबकि 2 तारीख से इसका असर व्यापक देखने को मिलेगा जब एक और सक्रिय पश्चिम विश्चोभ उत्तर भारत में  दस्तक देगा जिससे  उत्तर भारत के सभी पहाड़ी राज्यों में बारिश, बर्फ़बारी के साथ  मैदानी इलाको में  भी  2 और 3 जनवरी को अच्छी बारिश  देखने को मिलेगी  जिसके चलते उत्तर भारत में  मौजूदा  चल रही ठंडी हवाओं से कुछ राहत देखने को मिलेगी और रात के तापमान में 1 जनवरी की रात से महत्वपूर्ण बढ़ोतरी देखने को मिलेगी हालांकि दिन का तापमान में बारिश और बदल की वजह से ज्यादा बढ़ोतरी देखने को नहीं मिलेगी फिर भी  नये साल की शुरुवात अभी की अपेक्षा में ठंडी से थोड़ा राहत देते दिख रहा है। 




राज्यवार मौसम पूर्वानुमान:

पंजाब:  31 दिसम्बर तक पूरे पंजाब में कोहरे और ठण्ड का कहर देखने को मिलेगा जिससे मौजूदा ठण्ड कल  तक जारी रहने की उम्मीद है, राजधानी अमृतसर, बटाला, गुरदासपुर, जालंधर, मोगा, पटियाला, लुधियाना, भटिंडा  मनसा, संगरूर, होशियारपुर और आसपास के क्षेत्रों  में  कल 31  दिसंबर तक कोहरे और धुंध साथ दिन में ठंड की स्तिथि  बनी रहेगी  और रात का तापमान  0०C से 3० C बना रहेगा  जबकि कुछ जगहों पर पारा माइनस में भी देखा जा सकता है। लेकिन 1 जनवरी  को मौसम की मौजूदा परिस्थिति बदलेगी और बादलो की आवाजाही और हवा के पूर्व  दिशा की तरफ से आने की वजह से  रात के तापमान में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी,साथ ही 2 जनवरी की रात से बारिश के आसार बन रहे है जिससे पुरे पंजाब में 2 तारीख की रात से 4 जनवरी 2020 तक की सुबह तक हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर तेज बारिश, गर्जना के साथ ओलावृष्टि की गतिविधिया देखने को मिलेगी।     

हरियाणा और दिल्ली / एनसीआर: 31 दिसम्बर तक पूरे हरियाणा में कोहरे और ठण्ड का कहर देखने को मिलेगा जिससे मौजूदा ठण्ड कल  तक जारी रहने की उम्मीद है, हरियाणा के प्रमुख जगहों जैसे फरीदाबाद, गुड़गांव, मानेसर, पलवल, औरंगाबाद, रेवाड़ी, पटौदी, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, कैथल, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों और दिल्ली / एनसीआर  में  कल 31 दिसंबर तक कोहरे और धुंध साथ दिन में ठंड की स्तिथि  बनी रहेगी  और रात का तापमान  0०C से 5०C बना रहेगा  जबकि कुछ जगहों पर पारा माइनस में भी देखा जा सकता है। लेकिन 1 जनवरी  को मौसम की मौजूदा परिस्थिति बदलेगी और बादलो की आवाजाही और हवा के पूर्व दिशा की तरफ से आने की वजह से  रात के तापमान में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी,  साथ ही 2 जनवरी की दोपहर  से बारिश के आसार बन रहे है जिससे पूरे हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर  में 2 तारीख की शाम से 4 जनवरी 2020 तक की सुबह तक हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर तेज बारिश, गर्जना के साथ ओलावृष्टि की गतिविधिया देखने को मिलेगी।     

राजस्थान: मध्य और उत्तर राजस्थान में कोहरे और ठण्ड का कहर 31 दिसम्बर तक देखने को मिलेगा,  मध्य और उत्तर राजस्थान के प्रमुख जगहों जैसे श्रीगंगानगर, सूरतगढ़,  हनुमानगढ़, अजमेर, राजधानी जयपुर, अलवर, बीकानेर सीकर और  चूरू  और  उनके  आसपास के क्षेत्रों में  31  दिसंबर तक कोहरे और धुंध साथ दिन में ठंड की स्तिथि  बनी रहेगी  और रात का तापमान  0०C से 3०C बना रहेगा  जबकि कुछ जगहों पर पारा माइनस में भी देखा जा सकता है।  बात करे पश्चिमी और दक्षिण  राजस्थान की तो  जैसलमेर, उदयपुर, माउंट आबू और जोधपुर  जैसी जगहों पर पर भी तापमान में 31  दिसम्बर तक  रात के तापमान नीचे बने रहेंगे और उसके बाद 1 जनवरी से रात और दिन दोनों के तापमान में अच्छी बढ़ोतरी देखने  को मिल सकती है।   साथ ही 2 जनवरी से मध्य व पश्चिम राजस्थान में  बारिश के आसार बन रहे है जो 3  जनवरी 2020 तक बना रह सकता है  जिससे इन  क्षेत्रो  में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर तेज बारिश, गर्जना के साथ ओलावृष्टि की गतिविधिया देखने को मिलेगी।     




उत्तर प्रदेश: 31 दिसम्बर तक पूरे उत्तर  प्रदेश  में भी  कोहरे और ठण्ड का कहर  देखने को मिलेगा, जिससे मौजूदा ठण्ड कल  तक जारी रहने की उम्मीद है,  पूरे राज्य में कल 31  दिसंबर तक कोहरे और धुंध साथ दिन में ठंड की स्तिथि  बनी रहेगी  और रात का तापमान  0०C से 5०C बना रहेगा  जबकि कुछ जगहों पर पारा माइनस में भी देखा जा सकता है।और  राज्य के मध्य ,उत्तर और पश्चिमी भागो  में जैसे लखनऊ, कानपुर, उन्नाव , रायबरेली, अयोध्या, सुल्तानपुर, गोंडा, सहारनपुर, बिजनौर, मेरठ, बरेली, मुरादाबाद, रामपुर अलीगढ़,  बुलंदशहर और पहाड़ के  तलहटी  इलाको जैसे बहराइच, पीलीभीत, लखीमपुरखीरी, श्रावस्ती, गोरखपुर, महराजगंज में के भी  दिन में ठंड स्तिथि बनी रहेगी  और उसके बाद 1 जनवरी से रात और दिन दोनों के तापमान में अच्छी बढ़ोतरी देखने  को मिल सकती है,  साथ ही 2 जनवरी की सुबह से  ही पूरे राज्य  में'बारिश के आसार बन रहे है जिससे पूरे सूबे  में 2 तारीख की सुबह  से 4 जनवरी 2020 की सुबह   तक की सुबह तक हल्की से भारी  बारिश और कुछ जगहों पर तेज बारिश, गर्जना के साथ ओलावृष्टि की गतिविधिया देखने को मिलेगी



जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड:  लम्बे अंतराल के  बाद, 31 दिसम्बर की रात से उत्तर  भारत के  सभी पहाड़ी राज्यों में बारिश   बर्फ़बारी का एक  अच्छा  दौर की शुरुवात  देखने को मिलेगी, जोकि  शुरुवात में कुछ जगहों तक ही सिमित रहेगी  जबकि 2 तारीख से इसका असर व्यापक देखने को मिलेगा जब  एक और सक्रिय पश्चिम विश्चोभ उत्तर भारत में  दस्तक देगा जिससे  उत्तर भारत के सभी पहाड़ी राज्यों में मध्यम से  भारी बारिश के  साथ  भीषण बर्फ़बारी देखने को मिलेगी जो 4 जनवरी तक जारी सभी राज्यों में  जारी रह सकती है। 

हम अपनी टीम वैदर एंड क्लाइमेट ऑफ नॉर्थ इंडिया  की तरफ से आप सभी पाठको को नव वर्ष 2020 की हार्दिक सुभकामना।  


वैदर एंड क्लाइमेट ऑफ नॉर्थ इंडिया के लिए


सृजन कुमार गुप्ता
एडिटर 

Wednesday, December 11, 2019

उत्तरी भारत के मैदानी इलाको में कल शाम से 13 दिसंबर तक बारिश और ओलावृष्टि के आसार जबकि पहाड़ी राज्यों में मध्यम से भारी बारिश और हिमपात की संभावना

 मौसम पूर्वानुमान - 12 से  14 दिसंबर  2019
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उत्तरी पाकिस्तान और भारत के जम्मू  और कश्मीर इलाको पर एक  बहुत ही मजबूत सक्रिय  पश्चिमी विक्षोभ  पहुंच गया है।  इस सिस्टम के प्रभाव से विकसित हुआ चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मध्य पाकिस्तान पर बना हुआ है और पूर्व दिशा की तरफ राजस्थान की और बढ़ रहा है, इसके प्रभाव से उत्तर राजस्थान से एक ट्रफ रेखा बिहार तक बनने  की प्रबल संभावना है जिससे  उत्तरी भारत  के अधिकांश जगहों पर कल शाम से 13 दिसंबर की रात तक हल्की से भारी बारिश और 2000  मीटर या उससे उचाई वाले पहाड़ी इलाको में बर्फबारी का अनुमान है।    



राज्यवार मौसम पूर्वानुमान:


पंजाब: पूरे पंजाब के मुख्यत जगहों पर (पंजाब के प्रमुख जगहों  राजधानी अमृतसर, बटाला, गुरदासपुर, जालंधर, मोगा, पटियाला, लुधियाना, भटिंडा  मनसा, संगरूर, होशियारपुर और आसपास के क्षेत्रों ) में कल  सुबह से  ही हल्की से मध्यम वर्षा की गतिविधिया देखने को मिलेंगी जो  13 दिसंबर  रात तक बनी रह  सकती है जबकि इसी दौरान  कुछ एक दो जगहों पर तेज  बारिश  और ओलावृष्टि की गतिविधिया भी देखी  जा सकती है।  दक्षिण पश्चिम पंजाब के कुछ हिस्सों,अबोहर और मलौट  जैसी जगहों पर इस आगामी प्रणाली  से हल्की से मध्यम  बारिश होने की संभावना है,  हालांकि एक या दो अलग-थलग जगहों पर गरज  के साथ तेज वर्षा और  ओलावृष्टि की गतिविधियों को  नकारा नहीं जा सकता है।

हरियाणा और दिल्ली / एनसीआर:  हरियाणा के मुख्यत जगहों पर  (हरियाणा के प्रमुख जगहों जैसे फरीदाबाद, गुड़गांव, मानेसर, पलवल, औरंगाबाद, रेवाड़ी, पटौदी, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, कैथल, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों ) और दिल्ली / एनसीआर  में  कल सुबह से काले  बादल छाए रहेंगे  जबकि दिन बढ़ने के साथ बारिश की गतिविधियों में इजाफा देखा जायेगा  जबकि कल शाम से गतिविधिया व्यापक हो जाएँगी और कई इलाको में तेज बारिश देखी जा सकती है और जिसका असर 13  दिसंबर की रात तक बना रहेगा और इसी दौरान अधिकांश जगहों पर  हल्की से मध्यम वर्षा जबकि कुछ एक दो जगहों पर भारी बारिश और ओलावृष्टि की गतिविधिया भी देखी जा सकती है। इस प्रणाली का असर उत्तर हरियाणा में राज्य के दक्षिण इलाको से ज्यादा होगा और सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, कैथल  और चंडीगढ़ में मध्यम से भारी बारिश होगी।  

राजस्थान: मध्य और उत्तर राजस्थान (श्रीगंगानगर, सूरतगढ़,  हनुमानगढ़, अजमेर, राजधानी जयपुर, अलवर, बीकानेर सीकर और  चूरू  और  उनके  आसपास के क्षेत्रों जैसे प्रमुख जगहों ) में कल  सुबह से  ही हल्की से मध्यम वर्षा की गतिविधिया देखने को मिलेंगी जो  13 दिसंबर  रात तक बनी रह  सकती है  जबकि इसी दौरान  कुछ एक दो जगहों पर तेज  बारिश  और ओलावृष्टि की गतिविधिया भी देखी  जा सकती है। बात करे पश्चिमी और दक्षिण  राजस्थान की तो  जैसलमेर, उदयपुर, माउंट आबू और जोधपुर  जैसी जगहों पर इस प्रणाली से  हल्की वर्षा होने की ही संभावना है, हालांकि एक या दो अलग-थलग जगहों पर गरज  के साथ तेज वर्षा और  ओलावृष्टि की गतिविधियों को  नकारा नहीं जा सकता है।

उत्तर प्रदेश: इस प्रणाली का असर पूरे उत्तर  प्रदेश  में देखा जायेगा जहाँ  कल सुबह से बदलो की गतिविधिया देखि जाएँगी  और दिन बढ़ने के साथ बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी  और कल शाम तक  गतिविधिया व्यापक हो जाएँगी और कई इलाको में  मध्यम तेज बारिश देखी जा सकती है और जिसका असर 13  दिसंबर की रात तक बना रहेगा और इसी दौरान अधिकांश जगहों पर  हल्की से मध्यम वर्षा जबकि कुछ एक दो जगहों पर भारी बारिश और ओलावृष्टि की गतिविधिया भी देखी जा सकती है। इस प्रणाली का असर राज्य के उत्तर और पश्चिमी के इलाको जैसे सहारनपुर, बिजनौर, मेरठ, बरेली, मुरादाबाद, रामपुर अलीगढ़,  बुलंदशहर और पहाड़ के  तलहटी  इलाको जैसे बहराइच, पीलीभीत, लखीमपुरखीरी, श्रावस्ती, गोरखपुर, महराजगंज में राज्य के  ज्यादा होगा। जबकि राज्य के मध्य  और पूर्वी भागो जैसे राजधानी  लखनऊ, कानपुर हरदोई, उन्नाव, गोंडा, झाँसी,  प्रयागराज, मिर्ज़ापुर और  वाराणसी  में हल्की  मध्यम बारिश देखी जा सकेगी।  




बिहार : इस प्रणाली का असर पूरे लगभग पूरे बिहार में 13 तारीख से  देखा जायेगा  जहाँ  13  दिसंबर की सुबह हल्की से मध्यम वर्षा की गतिविधिया देखने को मिलेंगी जो  14  दिसंबर  की सुबह  तक बनी रह  सकती है जबकि इसी दौरान  कुछ एक दो जगहों पर तेज  बारिश  और ओलावृष्टि की गतिविधिया भी देखी  जा सकती है। उत्तर  बिहार और  पहाड़ी तलहटी  में इस प्रणाली असर असर दक्षिण राज्य के इलाको से ज्यादा  देखने  मिलेगा। 

जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: यह  प्रणाली सभी चार हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा, आज शाम से ही ऊँची पहाड़ी इलाको में कुछ जगह हिमपात की गतिविधिया देेेेखी जाएंगी जबकि कल शाम से यह गतिविधिया व्यापक हो जाएँगी कल  सुबह से 13 दिसम्बर  की रात तक चारो क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश / बर्फबारी के साथ कुछ जगहों  भारी से बहुत भारी बारिश/बर्फ़बारी  के आसार हैं।  इस अवधि के दौरान 2000 मीटर या उससे अधिक की ऊंचाई पर अधिकांश स्थानों पर बर्फबारी होने की संभावना है, इस अवधि के दौरान जम्मू, हिमाचल प्रदेश और  उत्तराखंड के मैदानी इलाको में मध्यम से भारी बारिश और  कश्मीर के गुलमर्ग श्रीनगर और बाकि मैदानी और पहाड़ी इलाको , लद्दाख, स्पीति, मनाली, नारकंडा, धर्मशाला के धौलाधार रेंज, कल्पा   केदारनाथ, बद्रीनाथ, औली, और  शिमला,  मसूरी, नैनीताल  पिथौरागढ़  जैसे प्रमुख  जगहों  पर मध्यम  से भारी बर्फबारी होने की प्रबल संभावना है। इसका असर उत्तराखंड में बाकि  मुकाबले ज्यादा रहने की उम्मीद  है और देहरादून,  हरिद्वार ,हल्द्वानी और रुद्रपुर जैसे  मैदानी इलाको  कल सुबह से सुबह से 13 दिसम्बर की रात तक रुक-रुक के कई बार मध्यम  से भारी बारिश  संभावना है साथ ही कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की गतिविधिया भी  मिलेंगी और पहाड़ी इलाको जो 2000 मीटर या  उससे ऊँचे  वहां भारी  से बहुत भारी हिमपात देखी  जाएगी। 

13 दिसम्बर के बाद इस प्रणाली के समाप्त होने पर, सर्द हवाएँ पूरे उत्तरी मैदानी इलाकों पर पकड़ बना लेंगी और साथ  ही लोगो को कोहरे और  कड़ाके  की सर्दी का  सामना  करना पड़ेगा जिसकी सूचना हम विस्तार  अपने अगले लेख में देंगे । 

वैदर एंड क्लाइमेट ऑफ नॉर्थ इंडिया के लिए

सृजन कुमार गुप्ता
एडिटर 

Sunday, November 24, 2019

Prolonged Spells of Rain & Snowfall to lash North India from tomorrow evening, Ready to bring your jackets & sweaters out as intense Cold Wave will grip entire North India very soon.

Forecast from 25th to 29th November, 2019 (Rain & thunderstorm activities to cover most of parts of northern plains from 25th Evening to 28th Night, Cold and clear weather thereafter)

Almost entire Northern region is going to witness a prolonged spells of rain & snowfall starting from 25th Evening to 28th Night, as a active Western Disturbance as a trough in mid-tropospheric westerlies with its axis at 5.8 km above mean sea level is over Afghanistan & West Pakistan border region and will move eastward towards Central Rajasthan of India (now runs roughly along Long. 62°E to the north of Lat. 28°N). This is likely to affect Western Himalayan region and adjoining plains from the night of 25th November, a another Western Disturbance as a cyclonic circulation over north Pakistan & neighborhood between 1.5 & 3.1 km above mean sea level persists under its effect, a trough is likely to form across West Rajasthan and adjoining Pakistan.


State-wise weather forecast:

Rajasthan: Light to moderate rainfall is very likely in parts of Central & North Rajasthan (major cities like Hanumangarh, Alwar, Jodhpur, Bikaner and Sikar, Jodhpur and Phalodi and there nearby areas) from 25th Evening to 27th Morning. Heavy rainfall along with thunderstorm or hailstorm activities may be witnessed at isolated places during the same time Places like Sriganganagar and Jaiselmer are not likely to receive any significant rainfall from this upcoming spells although one or two isolated thunderstorm activities cannot be denied at the same time.


Haryana & Delhi/NCR:  Light to moderate rainfall is very likely in parts entire Haryana and Delhi/NCR starting from south Haryana (major cities like major cities like Faridabad, Gurgaon, Manesar, Palwal, Aurangabad, Rewari, Pataudi, Rohtak, Sonipat, Panipat, Karnal, Kurushetra, Sirsa, Fatehabad, Hisar, Kaithal, Chandigarh and there nearby areas) and Delhi/NCR from 25th Evening to 27th evening. Heavy rainfall along with thunderstorm or hailstorm activities may be witnessed at isolated places during the same time.



Punjab: Light to moderate rainfall in most of parts of Punjab except some parts of south west Punjab (major cities like Amritsar, Batala, Gurdaspur Jalandhar, Moga, Patiala, Ludhiana, Mansa, Sangrur, Hoshiarpur and there nearby areas) from 26th Noon to 28th Morning. Heavy rainfall along with thunderstorm or hailstorm activities may be witnessed at isolated places during the same time. But Places like Abohar and Molout are not likely to receive any significant rainfall from this upcoming spells although one or two isolated thunderstorm activities cannot be denied at the same time.

Uttar Pradesh: Light to moderate rainfall in entire West Uttar Pradesh (Major cities like Saharanpur, Bijnor Meerut, Agra, Bareilly, Moradabad, Aligarh, Ghaziabad, Bulandshahar and there nearby areas) from 26th Noon to 28th Morning. East Uttar Pradesh is likely to remain unaffected from this spell but Central U.P. (Places like Lucknow, Kanpur and there nearby areas)   may witness one or two isolated thunderstorm activities on 27 and 28 November.

Jammu & Kashmir, Laddakh, Himachal Pradesh & Uttarakhand: all Four Himalayan regions are likely to be affected by this system, light to moderate rainfall/snowfall along with some heavy spells of rainfall/snowdall will be witnessed in all four region starting from 26th November and will last till 28th Night. During this period snowfall is much likely to occur at most of places at the altitude of 2000m or above, places like Spiti, Manali, Narkanda and upper parts of Shimla, Kedarnath, Badrinath and Auli are much likely to receive the major snowfall activity during this period.



After 28th November after this system will come to end, intense northwest chilly winds will take the grip over entire northern plains and as result people will be forced to use the sweater and jackets and then we can declare it as proper winter season.

For Weather & Climate of North India

Srijan Kumar Gupta
Editor  




   










कल शाम से लगभग समूचे उत्तर भारत में लंबे दौर की बारिश और बर्फबारी की शुरुवात होने के आसार, अपने स्वेटर और जैकेट करे तैयार क्योकि उसके बाद जल्द ही पूरे उत्तर भारत में होगा शीतलहर का आगाज।

25 से 29 नवंबर, 2019 के लिए पूर्वानुमान: (उत्तरी मैदानों के अधिकांश हिस्सों में 25 की शाम से 28 की रात तक वर्षा और गरज के साथ वर्षा के आसार , और इसके बाद ठंडा और साफ मौसम कराएगा ठण्ड का एहसास)

उत्तरी भारत  के अधिकांश जगहों पर 25 की  शाम से 28 की रात तक बारिश और बर्फबारी के लंबे समय तक रहने के संकेत मिल रहे हैं, क्योकि  मध्य पश्चिमी क्षोभ मंडल में एक ट्रफ  के रूप में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के साथ 5.8 कि किमिo से ऊपर की धुरी के साथ मध्य स्तर पर अफगानिस्तान और पश्चिम पाकिस्तान  के सीमावर्ती क्षेत्र में है। और पूर्व की ओर भारत के मध्य राजस्थान की ओर बढ़ेगा (अभी  लगभग उत्तर में 62 ° E देशांतर और 28 ° N  अक्षांश पर  मौजूद है) यह 25 नवंबर की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर भारत  के मैदानी इलाकों को प्रभावित करने की संभावना है,  साथ ही एक  पश्चिमी विक्षोभ  उत्तरी पाकिस्तान और पड़ोस में 1.5 और 3.1 किमी समुद्र  स्तर के ऊपर एक चक्रवाती संचलन के रूप में बना हुआ है, इसके प्रभाव से पश्चिम राजस्थान में और सटे हुए पाकिस्तान  में  ट्रफ बनने  की संभावना है ।


राज्यवार मौसम पूर्वानुमान:

राजस्थान: मध्य और उत्तर राजस्थान (हनुमानगढ़, अलवर, जोधपुर, बीकानेर और सीकर, जोधपुर और फलोदी और आसपास के क्षेत्रों जैसे प्रमुख शहरों) में 25 की शाम से 27 की  सुबह तक हल्की से मध्यम वर्षा  के आसार है जबकि इसी दौरान  कुछ एक दो जगहों पर भारी बारिश  की और ओलावृष्टि की गतिविधिया भी देखी  जा सकती है। । श्रीगंगानगर और जैसलमेर जैसी जगहों पर इस आगामी प्रणाली  से कोई महत्वपूर्ण वर्षा होने की संभावना नहीं है, हालांकि एक या दो अलग-थलग जगहों पर वर्षा और गरज  के साथ बारिश की गतिविधियों को  नकारा नहीं जा सकता है।


हरियाणा और दिल्ली / एनसीआर:  हरियाणा के मुख्यत जगहों पर  (हरियाणा के प्रमुख जगहों जैसे फरीदाबाद, गुड़गांव, मानेसर, पलवल, औरंगाबाद, रेवाड़ी, पटौदी, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, कैथल, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों ) और दिल्ली / एनसीआर  में 25 की  शाम से 27  शाम तक हल्की से मध्यम वर्षा के आसार है जबकि कुछ एक दो जगहों पर भारी बारिश और ओलावृष्टि की गतिविधिया भी देखी जा सकती है।   






पंजाब: पूरे पंजाब के मुख्यत जगहों पर (पंजाब के प्रमुख जगहों अमृतसर, बटाला, गुरदासपुर, जालंधर, मोगा, पटियाला, लुधियाना, मनसा, संगरूर, होशियारपुर और आसपास के क्षेत्रों ) में 26 की दोपहर से 28 की सुबह तक  हल्की से मध्यम वर्षा के आसार है  जबकि कुछ एक दो जगहों पर भारी बारिश और ओलावृष्टि की गतिविधिया भी देखी  जा सकती है। दक्षिण पश्चिम पंजाब के कुछ हिस्सों,अबोहर और मलौट  जैसी जगहों पर इस आगामी प्रणाली  से कोई महत्वपूर्ण वर्षा होने की संभावना नहीं है, हालांकि एक या दो अलग-थलग जगहों पर वर्षा और गरज  के साथ बारिश  की  गतिविधियों को  नकारा नहीं जा सकता है।


उत्तर प्रदेश: पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश (पश्चिमी  यूपी के प्रमुख जगहों जैसे सहारनपुर, बिजनौर मेरठ, आगरा, बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़, गाजियाबाद, बुलंदशहर और वहाँ के आस-पास के क्षेत्रों ) में 26 की दोपहर से  28 की सुबह  तक हल्की से मध्यम वर्षा के आसार है । पूर्वी उत्तर प्रदेश को इस प्रणाली  से अप्रभावित रहने की संभावना है लेकिन मध्य यू.पी. (लखनऊ, कानपुर और वहां के आस-पास के इलाके) में एक या दो अलग-थलग  जगहों  पर 27 और 28 नवंबर को और गरज  के साथ बारिश  की  गतिविधिया भी देखने को मिल सकती  हैं।  


जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: इस प्रणाली से सभी चार हिमालयी क्षेत्रों के प्रभावित होने की संभावना है, 26 नवंबर से शुरू होकर 28 की रात तक चारो क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश / बर्फबारी के साथ कुछ जगहों  भारी बारिश/बर्फ़बारी  के आसार हैं।  इस अवधि के दौरान 2000 मीटर या उससे अधिक की ऊंचाई पर अधिकांश स्थानों पर बर्फबारी होने की संभावना है, इस अवधि के दौरान कश्मीर, लद्दाख, स्पीति, मनाली, नारकंडा, केदारनाथ, बद्रीनाथ, औली, और  शिमला के ऊपरी भागों, जैसे प्रमुख  जगहों  पर हल्की से भारी बर्फबारी की गतिविधियां होने की संभावना है। 





28 नवंबर के बाद इस प्रणाली के समाप्त होने के बाद, उत्तर पश्चिमी सर्द हवाएँ पूरे उत्तरी मैदानी इलाकों पर पकड़ बना लेंगी और लोगो को स्वेटर और जैकेट निकलने के लिए मजबूर होना पड़ेगा और तब हम इसे सर्दियों का मौसम घोषित कर सकते हैं। 

वैदर एंड क्लाइमेट ऑफ नॉर्थ इंडिया के लिए

सृजन कुमार गुप्ता
एडिटर